ITI Cluster Update: पांच ITI क्लस्टर के लिए ₹1,194.92 करोड़ मंजूर, युवाओं को मिलेगा आधुनिक स्किल ट्रेनिंग का अवसर

ITI Cluster Investment 2026: केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर में पांच औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के क्लस्टर को आधुनिक बनाने के लिए ₹1,194.92 करोड़ की निवेश योजनाओं को मंजूरी दी है। यह फैसला प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITIs (PM-SETU) योजना के तहत लिया गया है। इसके साथ ही इस योजना के अंतर्गत अब तक स्वीकृत कुल निवेश ₹3,687 करोड़ तक पहुंच गया है।

16 अक्टूबर 2026 को PM-SETU की राष्ट्रीय संचालन समिति (National Steering Committee) की छठी बैठक में इन निवेश योजनाओं को मंजूरी दी गई। इसका मुख्य उद्देश्य ITI में प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारना, आधुनिक तकनीकी सुविधाएं विकसित करना और युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

ITI के आधुनिकीकरण पर कहां खर्च होंगे ₹1,194.92 करोड़?

केंद्र सरकार की स्वीकृत योजनाओं में महाराष्ट्र के पुणे और छत्रपति संभाजीनगर, ओडिशा के कटक तथा जम्मू-कश्मीर के जम्मू और श्रीनगर स्थित ITI क्लस्टर शामिल हैं।

इन परियोजनाओं के माध्यम से सरकारी ITI की प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने और उद्योगों के साथ उनका जुड़ाव मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। इससे छात्रों को पढ़ाई के दौरान व्यावहारिक प्रशिक्षण हासिल करने के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।

सरकार का उद्देश्य केवल संस्थानों के बुनियादी ढांचे में सुधार करना नहीं है, बल्कि व्यावसायिक शिक्षा को रोजगार की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना भी है।

पांच ITI क्लस्टर को कितनी राशि मिली?

PM-SETU योजना के तहत मंजूर निवेश का विवरण इस प्रकार है:

ITI क्लस्टर

राज्य/केंद्रशासित प्रदेश

स्वीकृत निवेश

पुणे ITI क्लस्टर

महाराष्ट्र

₹241 करोड़

छत्रपति संभाजीनगर ITI क्लस्टर

महाराष्ट्र

₹238.01 करोड़

कटक ITI क्लस्टर

ओडिशा

₹240.50 करोड़

जम्मू ITI क्लस्टर

जम्मू-कश्मीर

₹240 करोड़

श्रीनगर ITI क्लस्टर

जम्मू-कश्मीर

₹235.41 करोड़

कुल निवेश

₹1,194.92 करोड़

इन पांच परियोजनाओं को अलग-अलग औद्योगिक भागीदारों के सहयोग से लागू किया जाएगा। इनमें टाटा स्टील फाउंडेशन, BVG इंडिया, बेलराइज इंडस्ट्रीज, ईगल इंफ्रा इंडिया और इंदरदीप इंफ्रा इंडिया शामिल हैं।

क्या है PM-SETU योजना?

PM-SETU का पूरा नाम Pradhan Mantri Skilling and Employability Transformation through Upgraded ITIs है। यह योजना सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक बनाने और व्यावसायिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर केंद्रित है।

इस पहल के तहत ITI में उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं को उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप विकसित करने पर जोर दिया जाता है। इसके साथ ही कंपनियों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच साझेदारी को बढ़ावा दिया जाता है, ताकि छात्रों को तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिल सके।

आज ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिकल, मशीन ऑपरेशन और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत बनी हुई है। ऐसे में ITI को आधुनिक बनाना युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

ITI क्लस्टर मॉडल से कैसे होगा फायदा?

इन परियोजनाओं में हब-एंड-स्पोक मॉडल अपनाया जाएगा। इसके तहत एक प्रमुख ITI को हब बनाया जाता है, जबकि आसपास के चार अन्य ITI उससे जुड़े संस्थानों के रूप में काम करते हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों, प्रशिक्षण सुविधाओं और तकनीकी विशेषज्ञता का बेहतर इस्तेमाल करना है।

इस मॉडल से जुड़े प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • ITI में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास।

  • उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तकनीकी पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देना।

  • प्रशिक्षकों की तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण क्षमता में सुधार।

  • उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाना।

  • छात्रों को व्यावहारिक कौशल सीखने के बेहतर अवसर देना।

हालांकि, छात्रों को वास्तविक लाभ किस स्तर पर मिलेगा, यह परियोजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और उद्योगों के साथ साझेदारी पर निर्भर करेगा।

महाराष्ट्र के दो ITI क्लस्टर होंगे अपग्रेड

महाराष्ट्र में पुणे और छत्रपति संभाजीनगर के ITI क्लस्टर को आधुनिक बनाने के लिए कुल ₹479.01 करोड़ की निवेश योजनाएं मंजूर की गई हैं।

पुणे ITI क्लस्टर के लिए ₹241 करोड़ की योजना को मंजूरी मिली है। इसे BVG इंडिया लिमिटेड और BVG फाउंडेशन के सहयोग से लागू किया जाएगा।

वहीं, छत्रपति संभाजीनगर ITI क्लस्टर के लिए ₹238.01 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। इस परियोजना में बेलराइज इंडस्ट्रीज लिमिटेड भागीदार है।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रशिक्षण संस्थानों को बेहतर बनाना और तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की आवश्यकताओं के करीब लाना है।

ओडिशा के कटक ITI क्लस्टर को ₹240.50 करोड़

ओडिशा के कटक ITI क्लस्टर के लिए ₹240.50 करोड़ की निवेश योजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना में टाटा स्टील फाउंडेशन भागीदार होगा।

सरकारी ITI कटक को हब बनाया जाएगा। इसके साथ मधुसूदन सरकारी ITI चौद्वार, सरकारी ITI पारादीप, सरकारी ITI जाजपुर और सरकारी ITI ढेंकनाल जुड़े होंगे।

परियोजना का उद्देश्य प्रशिक्षण के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, नए दौर की तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कौशल विकास करना है।

जम्मू और श्रीनगर में ITI प्रशिक्षण को मिलेगा बढ़ावा

जम्मू-कश्मीर के दो ITI क्लस्टर के लिए कुल ₹475.41 करोड़ की निवेश योजनाओं को मंजूरी मिली है।

जम्मू ITI क्लस्टर के लिए ₹240 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। इस परियोजना में ईगल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड भागीदार होगा।

श्रीनगर ITI क्लस्टर के लिए ₹235.41 करोड़ की योजना को मंजूरी दी गई है। इसे इंदरदीप इंफ्रा इंडिया के सहयोग से लागू किया जाएगा।

इन निवेश योजनाओं का उद्देश्य दोनों क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधाओं को मजबूत करना और युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसरों का विस्तार करना है।

युवाओं को रोजगार के लिए कैसे तैयार किया जाएगा?

ITI से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा विभिन्न तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने के लिए आवश्यक कौशल हासिल कर सकते हैं। लेकिन प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए संस्थानों में आधुनिक उपकरणों, योग्य प्रशिक्षकों और उद्योगों से जुड़े पाठ्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

PM-SETU के तहत स्वीकृत निवेश योजनाएं इसी दिशा में काम करने के लिए तैयार की गई हैं।

बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था से छात्रों को तकनीकी कार्यों को समझने और व्यावहारिक दक्षता विकसित करने में मदद मिल सकती है। उद्योगों की भागीदारी बढ़ने से प्रशिक्षण को वास्तविक कार्यस्थल की जरूरतों के अनुरूप बनाने का अवसर भी मिलता है।

हालांकि, सरकार की इस मंजूरी का अर्थ यह नहीं है कि सभी ITI छात्रों को सीधे नौकरी मिलेगी। रोजगार के अवसर छात्रों के कौशल, योग्यता, संबंधित उद्योगों की मांग और परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेंगे।

PM-SETU के तहत कुल निवेश ₹3,687 करोड़ के पार

पांच नए ITI क्लस्टर की योजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद PM-SETU के तहत स्वीकृत कुल निवेश ₹3,687 करोड़ तक पहुंच गया है।

यह पहल सरकारी ITI को आधुनिक, उद्योग-केंद्रित और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

राष्ट्रीय संचालन समिति ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार के साथ संस्थानों को ISO प्रमाणन की दिशा में काम करने और कम से कम एक WorldSkills के अनुरूप ट्रेड या दक्षता क्षेत्र को अपनी स्वीकृत कार्ययोजना में शामिल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया है।

इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और कौशल के मानकों को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा सकता है।

निष्कर्ष

PM-SETU योजना के तहत पांच ITI क्लस्टर के लिए ₹1,194.92 करोड़ की मंजूरी व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। महाराष्ट्र, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर के इन संस्थानों में प्रस्तावित आधुनिकीकरण से प्रशिक्षण सुविधाओं को मजबूत करने और उद्योगों के साथ सहयोग बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

अब इन योजनाओं का वास्तविक प्रभाव उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। यदि आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और उद्योगों की भागीदारी सुनिश्चित होती है, तो इससे युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी तकनीकी कौशल हासिल करने में मदद मिल सकती है।

स्रोत: भारत सरकार का प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की 16 अक्टूबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति।