धनतेरस 2026 का पर्व आज, 6 नवंबर शुक्रवार को मनाया जा रहा है। दिवाली की पांच दिन की रौनक आज से ही शुरू हो जाती है। अगर आप आज शाम पूजा और खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं, तो यहां एक नजर में सही समय, आसान विधि और जरूरी नियम जान लीजिए।
धनतेरस 2026 पूजा मुहूर्त एक नजर में
| क्या | कब (लगभग) |
|---|---|
| त्रयोदशी तिथि | 6 नवंबर सुबह 10:30 से 7 नवंबर सुबह 10:48 तक |
| प्रदोष काल | शाम 5:35 से 8:11 बजे |
| सबसे शुभ पूजा समय | शाम 6:04 से 7:59 बजे |
ये समय पंचांगों में दिए गए औसत आंकड़े हैं। मुंबई जैसे पश्चिमी शहरों में मुहूर्त थोड़ा देर से और कोलकाता जैसे पूर्वी शहरों में थोड़ा पहले शुरू होगा, क्योंकि सूर्यास्त का समय अलग होता है।
किसकी पूजा होती है और क्यों
धनतेरस पर तीन देवताओं की पूजा होती है। मां लक्ष्मी धन और सुख की देवी हैं, कुबेर देव को धन का कोषाध्यक्ष माना जाता है और भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद के देवता हैं। मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय इसी तिथि पर धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन को धन्वंतरि जयंती भी कहते हैं, और यह त्योहार धन के साथ अच्छी सेहत की कामना से भी जुड़ा है।
5 मिनट में समझें आसान पूजा विधि
- शाम को पूजा स्थान साफ करके उत्तर-पूर्व दिशा में चौकी लगाएं।
- गणेश, लक्ष्मी, कुबेर और धन्वंतरि की तस्वीर रखें और जल भरा कलश स्थापित करें।
- सबसे पहले गणेश जी को तिलक, अक्षत और फूल चढ़ाएं।
- आज खरीदे गए सिक्के या बर्तन मां लक्ष्मी और कुबेर देव के सामने रखें, फिर खील-बताशे और मिठाई का भोग लगाएं।
- धन्वंतरि जी से परिवार की सेहत की प्रार्थना करें और घी के दीपक से आरती करें।
पूजा के बाद रात को घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण की ओर मुंह करके एक चौमुखा दीपक जलाएं। इसे यम दीपदान कहा जाता है।
क्या खरीदें, क्या नहीं
शुभ मानी जाने वाली चीजें
- सोने या चांदी का सिक्का और गहने
- पीतल, तांबे या स्टील के नए बर्तन
- नई झाड़ू
- साबुत धनिया, गोमती चक्र और मिट्टी के दीये
इनसे बचने की सलाह
- धारदार लोहे की चीजें, जैसे चाकू या कैंची
- कांच का टूटा या दरार वाला सामान
- खाली बर्तन घर लाना; उसमें थोड़ा अनाज या मिठाई भरकर लाएं
सोना खरीदने से पहले ये जरूर चेक करें
त्योहार पर ज्वेलरी की दुकानों में भीड़ रहती है, इसलिए जल्दबाजी न करें। गहने पर BIS Hallmark और 6 अंकों का HUID नंबर देखें, मेकिंग चार्ज पहले से पूछ लें और हमेशा पक्का बिल लें। ऑनलाइन डील लेते समय सिर्फ भरोसेमंद ऐप या वेबसाइट पर ही पेमेंट करें।
FAQ
धनतेरस 2026 किस दिन है?
धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है।
आज पूजा का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
शाम करीब 6:04 से 7:59 बजे तक का समय सबसे शुभ बताया गया है। अपने शहर का समय स्थानीय पंचांग से मिलाएं।
कम बजट में धनतेरस पर क्या खरीदें?
झाड़ू, साबुत धनिया, मिट्टी के दीये या छोटा पीतल का बर्तन भी पूरी तरह शुभ माने जाते हैं।
दिवाली 2026 कब है?
दिवाली और लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर 2026 को है। इससे पहले 7 नवंबर को छोटी दिवाली मनाई जाएगी।
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांगों पर आधारित है। सटीक मुहूर्त के लिए स्थानीय पंडित या पंचांग देखें।

