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फल खाना बेहतर या जूस पीना?News2Bulletin Editorial Team
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फल खाना बेहतर या जूस पीना?

फलों को लेकर एक नई स्टडी ने इस बात पर ध्यान खींचा है कि पूरा फल खाना और उसका जूस पीना शरीर के लिए एक जैसा नहीं हो सकता। पूरे फल में प्राकृतिक फाइबर मौजूद रहता है, जो पाचन को धीमा करने और लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराने में मदद करता है। वहीं, जूस बनाने के दौरान फाइबर की मात्रा कम हो सकती है और कम समय में अधिक मात्रा में प्राकृतिक शुगर का सेवन हो सकता है। विशेषज्ञ आम तौर पर रोजमर्रा की डाइट में पूरे फल को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं। हालांकि, फलों का जूस पूरी तरह से गलत नहीं है—मात्रा और उसमें अतिरिक्त चीनी मिलाई गई है या नहीं, यह महत्वपूर्ण है।
Vitamin D की कमी से बचेंNews2Bulletin Editorial Team
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Vitamin D की कमी से बचें

विटामिन D शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। इसकी कमी से हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, संतुलित आहार में विटामिन D के स्रोत शामिल करना और पर्याप्त धूप लेना उपयोगी हो सकता है। दूध व डेयरी उत्पाद, अंडे की जर्दी और कुछ खाद्य पदार्थ विटामिन D के स्रोत हो सकते हैं। यदि कमी की आशंका हो, तो डॉक्टर की सलाह से जांच कराना बेहतर है। संतुलित डाइट और स्वस्थ दिनचर्या शरीर में पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।
पितृ पक्ष 2026: 27 सितंबर से होगा शुरूNews2Bulletin Editorial Team
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पितृ पक्ष 2026: 27 सितंबर से होगा शुरू

पितृ पक्ष 2026 की शुरुआत 27 सितंबर, रविवार से होगी और इसका समापन 10 अक्टूबर, शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा। इस दौरान हिंदू धर्म में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है।26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध रहेगा, जबकि 27 सितंबर से प्रतिपदा श्राद्ध के साथ पितृ पक्ष की शुरुआत होगी।पितृ पक्ष के दौरान लोग अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि के अनुसार श्राद्ध कर्म करते हैं। माना जाता है कि इस अवधि में पूर्वजों का स्मरण और उनके लिए किए गए धार्मिक कर्म विशेष महत्व रखते हैं।
दिन की बेहतर शुरुआतNews2Bulletin Editorial Team
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दिन की बेहतर शुरुआत

सुबह की शुरुआत सही आदतों के साथ करने से दिन को व्यवस्थित और सक्रिय बनाने में मदद मिल सकती है। पर्याप्त नींद के बाद नियमित समय पर उठें, सुबह की प्राकृतिक रोशनी लें और कुछ देर हल्की एक्सरसाइज या वॉक करें। उठने के बाद पानी पीना और पौष्टिक नाश्ता करना भी अच्छी दिनचर्या का हिस्सा हो सकता है। सुबह उठते ही लंबे समय तक मोबाइल चलाने के बजाय कुछ समय बिना स्क्रीन के बिताना बेहतर विकल्प हो सकता है। छोटी-छोटी स्वस्थ आदतों को रोजाना अपनाने से संतुलित लाइफस्टाइल बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
सुबह की अच्छी शुरुआतNews2Bulletin Editorial Team
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सुबह की अच्छी शुरुआत

सुबह की शुरुआत पूरे दिन के मूड और ऊर्जा को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञ नियमित नींद, सुबह थोड़ी शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त पानी और संतुलित नाश्ते जैसी सरल आदतों को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं। सुबह उठने के तुरंत बाद मोबाइल देखने के बजाय कुछ समय अपने लिए देना भी तनाव कम करने और दिन को व्यवस्थित तरीके से शुरू करने में मदद कर सकता है। छोटी-छोटी स्वस्थ आदतों को लगातार अपनाना किसी भी कठिन रूटीन से ज्यादा टिकाऊ हो सकता है।
सुबह की हेल्दी डाइट में पोहा का नया ट्विस्टNews2Bulletin Editorial Team
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सुबह की हेल्दी डाइट में पोहा का नया ट्विस्ट

नाश्ते में पोहा हल्का और आसानी से बनने वाला विकल्प है, लेकिन इसमें कुछ पौष्टिक चीजें जोड़कर इसे प्रोटीन और फाइबर से भरपूर बनाया जा सकता है। पोहे में मूंगफली, मटर, चना, सोयाबीन या पनीर जैसी सामग्री शामिल की जा सकती है। साथ ही प्याज, गाजर, शिमला मिर्च और मटर जैसी सब्जियां डालने से इसमें फाइबर और दूसरे पोषक तत्व बढ़ते हैं। स्वाद के लिए नींबू और हरा धनिया भी मिलाया जा सकता है। यह कॉम्बिनेशन सुबह के नाश्ते को ज्यादा संतुलित और पौष्टिक बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि, किसी खास स्वास्थ्य स्थिति या डाइट की जरूरत होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
एक्सरसाइज करते समय अचानक स्टैमिना कम हो तो न करें नजरअंदाजNews2Bulletin Editorial Team
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एक्सरसाइज करते समय अचानक स्टैमिना कम हो तो न करें नजरअंदाज

अगर आप नियमित रूप से जिम, रनिंग या वॉक करते हैं और अचानक पहले की तुलना में जल्दी थकने लगे हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। स्टैमिना कम होने के पीछे कम नींद, डिहाइड्रेशन, तनाव, गर्मी या जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज जैसे सामान्य कारण हो सकते हैं। लेकिन लगातार एक्सरसाइज क्षमता में कमी कभी-कभी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकती है।अगर वर्कआउट के दौरान असामान्य सांस फूलना, चक्कर, सीने में दर्द या दबाव, बहुत ज्यादा थकान या दिल की धड़कन असामान्य लगना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो एक्सरसाइज रोककर डॉक्टर से सलाह लें।विशेषज्ञों के अनुसार, एक्सरसाइज की तीव्रता धीरे-धीरे बढ़ानी चाहिए और शरीर के संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अचानक बदलाव लगातार महसूस हो तो समय पर जांच कराना बेहतर है।
मॉर्निंग के लिए आसान हेल्थ टिप्सNews2Bulletin Editorial Team
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मॉर्निंग के लिए आसान हेल्थ टिप्स

1. सुबह उठते ही 1–2 गिलास पानी पिएं।2. 5–10 मिनट हल्की स्ट्रेचिंग या वॉक करें।3. सुबह की प्राकृतिक रोशनी में कुछ समय बिताएं।4. नाश्ता न छोड़ें; पौष्टिक और संतुलित भोजन लें5. उठने के तुरंत बाद मोबाइल देखने की आदत कम करें।6. दिन के जरूरी कामों की छोटी-सी लिस्ट बना लें।7. सुबह कुछ मिनट मेडिटेशन या गहरी सांसों का अभ्यास करें।8. पर्याप्त नींद के बाद नियमित समय पर उठने की कोशिश करें।9. सुबह की शुरुआत सकारात्मक सोच और शांत माहौल से करें।10. दिनभर पर्याप्त पानी पीने का लक्ष्य रखें।
Healthy Relationship की 5 छोटी-छोटी निशानियाँ ❤️News2Bulletin Editorial Team
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Healthy Relationship की 5 छोटी-छोटी निशानियाँ ❤️

एक स्वस्थ रिश्ते की पहचान सिर्फ प्यार या साथ रहने से नहीं होती, बल्कि रोज़मर्रा के छोटे व्यवहार से भी होती है। पहली निशानी है—खुलकर बातचीत: दोनों बिना डर अपनी बात और भावनाएं साझा कर पाते हैं। दूसरी—आपसी सम्मान: असहमति होने पर भी एक-दूसरे की भावनाओं और सीमाओं का सम्मान किया जाता है। तीसरी—भरोसा: हर छोटी बात पर शक करने के बजाय पार्टनर पर विश्वास किया जाता है। चौथी—Personal Space: दोनों को अपने दोस्तों, परिवार, पढ़ाई, काम और पसंद के लिए पर्याप्त समय मिलता है। पांचवीं—मुश्किल समय में साथ: समस्या आने पर एक-दूसरे को दोष देने के बजाय मिलकर समाधान खोजने की कोशिश की जाती है।विशेषज्ञों के अनुसार, स्वस्थ रिश्ता किसी एक बड़े gesture से नहीं, बल्कि सम्मान, भरोसे, संवाद और समझ जैसे छोटे-छोटे व्यवहारों से मजबूत होता है।
बच्चा मोबाइल नहीं चला रहा… मोबाइल बच्चे को चला रहा है?News2Bulletin Editorial Team
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बच्चा मोबाइल नहीं चला रहा… मोबाइल बच्चे को चला रहा है?

आज बच्चों की पढ़ाई, मनोरंजन और बातचीत में स्क्रीन का इस्तेमाल बढ़ गया है। लेकिन समस्या सिर्फ कितने घंटे स्क्रीन देखी, यह नहीं है—बल्कि स्क्रीन की वजह से क्या छूट रहा है, यह भी महत्वपूर्ण है।अगर बच्चा मोबाइल के कारण खेलने, परिवार के साथ समय बिताने, पढ़ने या पर्याप्त नींद से दूर हो रहा है, तो उसकी स्क्रीन आदतों पर ध्यान देना जरूरी है।👉 घर में स्क्रीन के लिए स्पष्ट नियम बनाएं।👉 पढ़ाई और मनोरंजन का समय अलग रखें।👉 हर दिन कुछ समय outdoor activity के लिए दें।👉 सोने से पहले स्क्रीन को कम करने की कोशिश करें।